मानसून ने पकड़ी रफ्तार: दिल्ली-यूपी-राजस्थान में 3 जुलाई से होगी झमाझम बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उम्मीद जताई है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले पांच से छह दिनों में दिल्ली पहुंच सकता है। विभाग के अनुसार, उत्तरी अरब सागर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के शेष हिस्सों में भी अगले दो से तीन दिनों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। सोमवार को दिल्ली में गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है।
रविवार को राजधानी ने पिछले दो वर्षों का सबसे गर्म दिन दर्ज किया। न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक था, जबकि अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
उमस के कारण लोगों को तापमान 50.7 डिग्री सेल्सियस जैसा महसूस हुआ। इससे पहले 14 जून 2024 को न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने अनुमान जताया है कि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो चार जुलाई तक मानसून दिल्ली पहुंच सकता है। स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पालावत के अनुसार, पाकिस्तान से आने वाली शुष्क हवाएं और अरब सागर से आने वाली नम हवाएं आपस में मिल रही हैं।
इससे बादल तो बन रहे हैं, लेकिन पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण व्यापक बारिश नहीं हो पा रही है। आमतौर पर दिन में तापमान चरम पर पहुंचने के समय बादल विकसित हो रहे हैं, जिससे बारिश की संभावना कमजोर पड़ रही है।
अरुणाचल में बाढ़ से तीन की मौत, सिक्किम में पुल बहा
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। अरुणाचल प्रदेश के केयी पेनयोर क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) में तीन लोगों की मौत हो गई। कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
राज्य के 10 जिले बारिश से प्रभावित हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार तक 200 मिमी तक बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
उधर, सिक्किम के जोंगू क्षेत्र में भारी बारिश के कारण फिडांग और संकालांग को जोड़ने वाला बेली ब्रिज बह गया, जिससे यह इलाका राज्य के अन्य हिस्सों से कट गया। हालांकि, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।




