नीरदरलैंड्स ने पहली बार जारी किया हीटवेव को लेकर रेड अलर्ट

यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है और रिकॉर्डतोड़ लू चल रही है। इस बीच नीदरलैंड्स ने गर्मी को लेकर अपना पहला रेड अलर्ट जारी किया और खतरनाक हालात की चेतावनी दी।
नेशनल वेदर इंस्टीट्यूट ने देश के ज्यादातर हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया है, जहां कुछ जगहों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें कहा गया, “हालात खतरनाक हैं। सरकार और इमरजेंसी सेवाओं की सलाह का पालन करें।”
8 प्रांतों में रेड अलर्ट
रेड अलर्ट देश के 12 प्रांतों में से आठ पर लागू है, जबकि उत्तरी इलाके और जीलैंड के दक्षिणी प्रांत में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इसमें कहा गया है कि ये उपाय कम से कम शनिवार तक लागू रहेंगे।
ट्रेन सर्विस पर भी असर
ज्यादा तापमान की वजह से डच रेल ऑपरेटर ने ट्रेन सर्विस कम कर दी है और इंफ्रास्ट्रक्चर मिनिस्टर ने सलाह दी है कि सड़कों का इस्तेमाल तभी करें जब बहुत जरूरी हो। वैज्ञानिकों ने कहा कि 20 जून को शुरू हुई हीटवेव यूरोप में अब तक की सबसे भीषण हीटवेव थी, जहां जलवायु वैश्विक औसत की तुलना में तेजी से बदल रही है।
फ्रांस और ब्रिटेन में तापमान अपने चरम पर था, जहां जून के सारे रिकॉर्ड टूट गए लेकिन इटली में वीकेंड तक गर्मी और बढ़ने की उम्मीद थी, जिससे तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना थी।
गुरुवार शाम जर्मनी में भीषण गर्मी के कारण A2 मोटरवे की सतह कई लेन पर मुड़ गई और फट गई। ऑस्ट्रिया में राष्ट्रीय रेल कंपनी ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में ट्रेन की पटरियां मुड़ सकती हैं।
पूरे महाद्वीप में फैली इस भीषण गर्मी से स्वीडन भी नहीं बच पाया। गुरुवार देर रात ज्यादा तापमान के कारण पटरी मुड़ जाने से एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई, जिससे स्टॉकहोम और देश के दूसरे सबसे बड़े शहर गोथेनबर्ग के बीच यातायात रुक गया।




